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विदिशा। कागपुर में 32 बीघा जमीन के मालिक किसान को खबर भी नहीं लगी और बाहर से आए दो बदमाशों ने उसकी जमीन के फर्जी दस्तावेज बनवा लिए। साथ ही किसान के नाम का आधारकार्ड भी। जिसके सहारे उन्होंने एक करोड़ रुपए में जमीन बेचने का सौदा भी भोपाल के रहवासियों से कर लिया। हद यह है कि पटवारी ने भी बदमाशों का साथ दिया। शुक्र है अखबार में छपी जाहिर सूचना से किसान को अपनी जमीन का सौदा होने की खबर लगी, जिसके बाद खरीदार और किसान ने मिलकर बदमाशों को पकड़ लिया।
बुधवार को कागपुर क्षेत्र की 32 बीघा जमीन के सौदे के रूप में दो फर्जी विक्रेताओं को पकड़े जाने और बड़े फर्जीवाड़े गिरोह के सक्रिय होने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पटवारी से मिलकर नकली दस्तावेज तैयार करवाए और भोपाल के खरीदार को बेचने का प्रयास किया। असली जमीन मालिक के बीच में आने के बाद मामले का खुलासा हुआ। फिलहाल पुलिस ने चार सौ बीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कागपुर में रहने वाले हुकुमङ्क्षसह बघेल पुत्र मोतीसिंह बघेल ने 28 जून को एक अखबार में जाहिर सूचना पढ़ी। इस जाहिर सूचना को पढ़ते ही उनके पैरो तले जमीन खिसक गई। जाहिर सूचना उनके ही नाम से खसरा नंबर सहित बेचने संंबंधी थी। जिसे भोपाल के कुछ लोग खरीदने से पहले लोगों को सूचित कर रहे थे। हुकुम ङ्क्षसह ने जाहिर सूचना में दिए पते और उसमें दिए फोन नंबर पर बात की और उक्त जमीन का असली मालिक होना बताया। बाद में उन्होंने भोपाल जाकर वकील और खरीदार से मुलाकात कर जमीन संबंधी तमाम दस्तावेज दिखाए। दस्तावेज देखने के बाद जमीन के खरीदार प्रेम साहू पुत्र घासीराम साहू निवासी पिपलिया जाहिर पीर ने हुकुम ङ्क्षसह को फर्जी व्यक्ति को पकडऩे में मदद का भरोसा जताया।
बयाना राशि देने के बहाने बुलाकर किया पुलिस के हवाले
भोपाल के खरीदारों की जाहिर सूचना पढ़कर किसान ने उनसे संपर्क किया। इसके बाद इस फर्जीवाड़े की पर्तें खुलीं। नतीजतन दोनों पक्षों ने मिलकर बदमाशों को पकडऩे की योजना बनाई। बुधवार को भोपाल निवासी प्रेम साहू ने दोनों युवकों को फोन कर बुधवार को बयाना राशि लेने के लिए बस स्टैंड पर बुलाया। बुधवार की सुबह 11 बजे के लगभग तीन युवक प्रेम साहू और उनके साथियों से बस स्टैण्ड पर मिले। उन्होंने दो युवकों पुरूषोत्तम अहिरवार और शेरसिंह अहिरवार को अपनी जीप में बैठा लिया और कहा कि किसी स्थान पर बैठकर लिखा पढ़ी करते हैं। वहीं उनका तीसरा साथी मोटर सायकल पर सवार था। जो अन्यत्र चला गया। दोनों आरोपियों को लेकर प्रेम साहू और उनके साथी कोतवाली पहुंच गए, जहां जमीन का असली मालिक हुकुम सिंह पहले से मौजूद था। प्रेम साहू ने बताया कि इस मामले की पूरी जानकारी सीएसपी नागेन्द्र पटेरिया को पहले ही दे दी गई थी। कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और चार सौ बीसी की धाराओं 420, 419, 468, 467, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
इनका कहना है
आरोपी युवकों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। जिन लोगों के माध्यम से फर्जी दस्तावेज बनवाए गए, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- नागेन्द्र पटेरिया, सीएसपी
पुलिस ने अब इस मामले से संबंधित कोई प्रतिवेदन नहीं भेजा है। रिपोर्ट मिलते ही जांच कराई जाएगी। सरकारी कर्मचारियों की मिली भगत सामने आने पर उन पर भी कार्रवाई होगी।
- रविशंकर राय, तहसीलदार




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